अभिलाषा (ऐस्पायर) निधि

नवोन्मेषिता, ग्रामीण उद्योग और उद्यमिता संवर्द्धन योजना (अभिलाषा निधि)

माननीय वित्तमंत्री ने 2014-2015 के अपने बज़ट भाषण में ‘नवोन्मेषिता, ग्रामीण उद्योग और उद्यमिता संवर्द्धन योजना (अस्पायर)’ के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये की निधि के आवंटन का प्रस्ताव किया था, जिसका उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ, प्रौद्योगिकी केंद्रों का नेटवर्क एवं कृषि उद्योग में स्टार्ट-अप उद्यमों के संवर्द्धऩ हेतु निधियों की निधि के परिचालन सहित व्यवसाय संपोषक तैयार करना था। इसी पृष्ठभूमि में कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों पर संकेंद्रित उद्यमों में निवेश के लिए 60 करोड़ रुपये की समूह-निधि के साथ निधियों की निधि का परिचालन करने के लिए सिडबी में अभिलाषा (अस्पायर) निधि की स्थापना की गई। अभिलाषा (अस्पायर) निधि उन स्टार्टअप /प्रारंभिक चरण वाली इकाइयों में निवेश हेतु विभिन्न ऐंजेल /उद्यम पूँजी निधियों को सहायता उपलब्ध कराता है। ये निवेश कृषि आधारित उद्योग खंडों और क्षेत्रों में नवोन्मेषिता, उद्यमिता, विनिर्माण और सेवा-सुपुर्दगी की मूल्यवर्द्धन शृंखलाओं सहित उत्पादनोत्तर एवं उत्पादन-पूर्व सहबद्धताओं के क्षेत्र में, तथा तेज़ी लाने वाली सहायता के रूप में किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सके।

60 करोड़ रुपये की निधि की राशि 12 वर्ष की अवधि तक के लिए बढ़ाकर 310 करोड़ रुपये कर दी गई है। अभिलाषा (अस्पायर) निधि ने इस संबंध में अब तक 47.50 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता पूरी कर ली है।

प्रमुख लिंक :