सीजीटीएमएसई

सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई)

सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) की स्थापना वर्ष 2000 में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार और सिडबी द्वारा 2500 करोड़ रुपए की प्रारम्भिक प्रतिबद्धित राशि से की गई थी और अधिकतम जोखिम वाले ऋणों, विशेषकर संपार्श्विक की गैर-मौजूदगी वाले सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को, संपार्श्विक रहित/ तृतीय पक्ष गारंटी रहित ऋण सुलभ कराने के लिए इसे रुपए 5000 करोड़ तक बढ़ाया गया। यह असेवित और अल्प सेवित भौगोलिक क्षेत्रों तक वित्त की पहुंच को मुहैया करता है तथा नई पीढ़ी के उद्यमियों और सुविधा वंचितों को जिनके पास ऋण लेने के लिए प्रतिभूति और / या अन्य पक्ष गारंटी नहीं होती है उन्हें यह उपलब्ध कराते हुए पारंपरिक उधारदाताओं से वित्तीय समर्थन की सुविधा उपलब्ध कराता है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए 200 लाख तक की ऋण सुविधाओं पर ऋण गारंटी योजना की शुरुआत की, जो सदस्य ऋणदात्री संस्थाओं (एमएलआई) द्वारा उन एमएसई संस्थाओं द्वारा प्रदत्त ऋण के लिए डिजिटल प्लेटफार्म पर गारंटी उपलब्ध करवाता है, जो संपार्श्विक प्रतिभूति और / या तृतीय पक्ष गारंटियों द्वारा समर्थित नहीं हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि उधारदाता परियोजना की व्यवहार्य क्षमता को प्रमुखता दे और मुख्य रूप से वित्तपोषित आस्ति की प्रतिभूति पर ऋण की सुविधा प्राप्त करे। दूसरा उद्देश्य यह है कि गारंटी की सुविधा लेने वाला उधारदाता उधारकर्ताओं को संमिश्रित ऋण (एक ही एजेंसी से सावधि ऋण एवं कार्यशील पूँजी की सुविधाएँ) देने का प्रत्यन करे।

18 वर्षों के अपने परिचालन के दौरान, सीजीटीएमएसई ने 31 लाख गारंटियाँ अनुमोदित की है, जिसमें संचयी आधार पर ₹ 1.59 लाख करोड़ से अधिक की ऋण राशि कवर की है। सीजीटीएमएसई द्वारा समर्थित इकाइयों ने लगभग 1 करोड़ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं और ` 9530 करोड़ की निर्यात आय प्राप्त हुई है। लगभग 16% महिलाएं और 8% अनुसूचित जाति / जनजाति / अल्प संख्यक उद्यमी इस योजना से लाभन्वित हुए हैं।

अधिकाधिक संख्या में एमएसई इकाईयों को शामिल करने के लिए और सुपुर्दगी सुलभता के लिए सीजीटीएमएसई की उत्पाद श्रृंखला में सतत संशोधन किए जाते रहें हैं। सीजीटीएमएसई ने विभिन्न नीतिगत सुधारों को लागू किया जैसे कि मंजूरी राशि के बजाय बकाया ऋण राशि पर शुल्क लगाना, खुदरा व्यापार को ऋण गारंटी योजना के तहत पात्र गतिविधि के रूप में शामिल करना, आंशिक संपार्श्विक प्रतिभूति की अनुमति देना, मौजूदा गारंटी योजना में `50 लाख के ऊपर दिए गए ऋणों के लिए मौजूदा 50% से गारंटी कवरेज की सीमा बढ़ाकर 75% तक करना जो इस योजना को प्राथमिक ऋणदात्री संस्थाओं के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगा और एमएसई क्षेत्र में ऋण प्रवाह को बढ़ाएगा।

सीजीटीएमएसई का प्रभाव   यथा 31 दिसंबर, 2018
  • अनुमोदित गारंटियों की संख्या
: 31,68,601
  • जारी गारंटियों के माध्यम से कवर की गई ऋण राशि (₹ करोड़)
: 1,59,066.71
  • गारंटियों की अनुमानित बिक्री (₹ करोड़)
: 22,12,392.03
  • गारंटीकृत इकाइयों से अनुमानित निर्यात (₹ करोड़)
: 9530.17
  • अनुमानित रोजगार सृजन
: 1,06,08,659
  • निपटान किए गए दावों की सं.
: 1,95,149
  • निपटाए गए दावों की राशि.( ₹ करोड़)
: 4,962.43
  • अनुसूचित जाति / जनजाति, महिलाओं, अल्पसंख्यक उद्यमियों को प्रदत्त गारंटियाँ (कुल गारंटी राशि का %) का घटक
: 24%

अधिक जानकारी के लिए https://www.cgtmse.in पर देखें।