मुद्रा

माइक्रो यूनिट्स डेवलेपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा) की स्थापना सिडबी के संपूर्ण स्वामित्व वाली सहयोगी संस्था के रूप में देश में निधि-वंचित सूक्ष्म उद्यमों के लिए वित्तपोषण करने वाली संस्था के रूप में 8 अप्रैल 2015 को हुई। मुद्रा, उन बैंकों, अल्प वित्त संस्थाओं (माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं) गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों एवं अन्य वित्तीयन संस्थाओं को पुनर्वित्त सहायता प्रदान करता है जो विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्र, ट्रैक्टर हेतु वित्तपोषण, कृषि से संबंधित कार्यकलाप एवं दुपहिया ऋण (जो निजी इस्तेमाल के लिए या किसी अन्य संस्थागत उद्देश्य के लिए वाहनों से संबंधित न हो) एवं संबद्ध सूक्ष्म कारोबार इकाइयों को ऋण देने का कारोबार करती हैं।

मुद्रा, गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों और अल्प वित्त संस्थाओं को उनकी ऋण आस्तियों के प्रतिभूतिकरण के जरिए निधि सहायता प्रदान करता हैं, जिससे उन्हें उनके परिचालनों के लिए पूंजी बाजार से ऋण निधि प्राप्त करने में मदद मिलती है। मुद्रा सेवाओं में क्रेडिट प्लस नीतियों के माध्यम से वित्तीय सहायता के अतिरिक्त वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशनऔर अन्य सामाजिक सहायता सेवाओं के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण की पहल भी शामिल है।

मुद्रा, वर्तमान में रु 5000 करोड़ रुपये की अधिकृत पूंजी और रु 1675.93 करोड़ रुपये की प्रदत्त पूंजी के साथ देश में बढ़ते लघु उद्यम क्षेत्र को अल्प वित्त सहायता प्रदान करने के लिए राज्य / क्षेत्रीय स्तर के बैंकों, अल्प वित्त संस्थाओं और अन्य ऋण देने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है। यह डाटा का प्रबंधन करने और प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत वेब पोर्टल के प्रबन्धन से पुनर्वित्त सहायता प्रदान करने वाली प्रमुख संस्था है, जो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत दिए गए ऋणों की गारंटी में सहायता करता है और समय-समय पर पीएमएमवाई के तहत अन्य गतिविधियों को भी चलाता है।

मुद्रा का प्रभाव:

  • मुद्रा की पुनर्वित्त सहायता ने 10 लाख रूपये तक के उधार देने के लिए ऋणदात्री संस्थाओं के लिए सस्ती निधि की सुविधा प्रदान की है। इससे अंतिम उधारकर्ता पर पड़नेवाली लागत कम करने में मदद मिली है।
  • पीएमएमवाई के माध्यम से जमीनी स्तर पर गहन ऋण निगरानी करने के परिणामस्वरूप 14.45 करोड़ उधारकर्ताओं (31/10/2018 तक) को 6.88 लाख करोड़ रुपये के संचयी ऋण दिए गए हैं। इनमें से 74% उधारकर्ता महिलाएं थीं, 28% नए ऋण खाते और 55% एससी / एसटी / ओबीसी श्रेणी के थे।
  • मुद्रा ने 31 अक्टूबर, 2018 तक विभिन्न एमएफआई, एनबीएफसी, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों सहित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और छोटे वित्त बैंकों को 17045.64 करोड़ रुपये (इसमें 1334.90 करोड़ रुपये के प्रतिभूतिकरण संव्यवहार भी शामिल है) के पुनर्वित्त का संवितरण किया है।

    अधिक जानकारी के लिए कृपया http://www.mudra.org.in/ पर जाएँ।