संपोषण केंद्र

नवारंभ (स्टार्ट-अप) इकाइयों के परिचालन में सामान्य रूप से जुड़ी कठिनाइयों के निराकरण में उद्यमियों की मदद के लिए, सिडबी ने देश में प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से संपोषण केंद्र स्थापित किए हैं। इन संपोषण केंद्रों में उद्यमियों को कार्यस्थल, बीज पूँजी (आरंभिक) निधीयन, पथ-प्रदर्शन और प्रशिक्षण, आदि से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ये केंद्र उदीयमान उद्यमियों को व्यावसायिक और तकनीकी जानकारी प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाते हैं और अंतत: एसएमई उद्यम विकसित करने में उनकी सहायता कर उनका संपोषण करते हैं। वर्तमान में, कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में सिडबी नवोन्मेष एवं संपोषण केंद्र (एसआईआईसी), भुवनेश्वर स्थित कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में केआईआईटी टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर तथा लखनऊ स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में सिडबी नवोन्मेषी वित्तीय समावेशन केंद्र सिडबी से सहायताप्राप्त हैं। इनमें से लखनऊ स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में सिडबी नवोन्मेषी वित्तीय समावेशन केंद्र की स्थापना निर्धनतम राज्य समावेशी संवृद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत की गई है, जिसका कार्यान्वयन सिडबी कर रहा है।

आईआईटी, कानपुर स्थित एसआईआईसी ने अब तक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी वाले विविध क्षेत्रों में 69 नवारंभ उद्यमों (स्टार्ट-अप) का संपोषण किया है, जिनमें से 42 नवारंभ उद्यम (स्टार्ट-अप) पूर्णत: विकसित हो गए हैं।