सिडबी अल्पवित्त कोष

अल्प ऋण योजना के प्रायोगिक चरण की सफलता के अनुरूप, निर्धनों तक निधियाँ पहुँचाने के लिए सिडबी ने जनवरी 1999 में सिडबी अल्प ऋण कोष (एसएफ़एमसी) का आरंभ किया था।

लक्ष्य

एसएफ़एमसी का लक्ष्य आर्थिक रूप से वंचित लोगों, विशेष रूप से महिलाओं को अल्प वित्त सेवाएँ प्रदान करने के लिए सुदृढ़, अर्थक्षम और दीर्घकालिक अल्प वित्त संस्थाओं (एमएफ़आई) का राष्ट्रीय तंत्र (नेटवर्क) तैयार करना है।

दृष्टिकोण

एसएफएमसी भारत में सूक्ष्म वित्त का शीर्ष थोक प्रदाता है, जो खुदरा वित्तपोषण करने वाली सूक्ष्म वित्त संस्थाओं को ऋण निधियाँ, अनुदान सहायता, ईक्विटी और संस्था निर्माण सहायता जैसी संपूर्ण वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएँ प्रदान करता है, ताकि ऐसी संस्थाएँ सुगमता से विकास कर वित्तीय रूप से सक्षम बन सकें और साथ ही, इस क्षेत्र के लिए सेवाप्रदाताओं का तंत्र (नेटवर्क) विकसित किया जा सके।

आचार संहिता का मूल्यांकन (सीओसीए)

सिडबी ने आचार संहिता के मूल्यांकन का एक साधन विकसित करने में मदद की है। यह साधन अल्पवित्त संस्थाओं की ऋण सेवाओं, ऋण वसूली, बचत संग्रह, आदि जैसे कार्यों पर लागू होता है, ताकि अल्पवित्त संस्थाओं द्वारा तैयार स्वैच्छिक अल्पवित्त आचार संहिता के अनुपालन स्तर का आकलन किया जा सके। 75 सीओसीए पूर्ण किए जा चुके हैं और 68 रिपोर्टें सिडबी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

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कौन आवेदन कर सकता है?
नीतिगत दस्तावेज़
अभिलेखागार के दस्तावेज़ /प्रकाशन
  1. सीओसीए रिपोर्टें
  2. क्षेत्रगत अध्ययन
  3. प्रभाव आकलन अध्ययन
  4. SIDBI’s Coffee Table Book You Tube Link:https://www.youtube.com/watch?v=UJZ-ongFhKQ&t=32s
सामान्य जिज्ञासाएँ /पृच्छाएँ
एसएफ़एमसी का संपर्क विवरण