गैर-वित्तीय सहायता

सूक्ष्म लघु व मध्यम क्षेत्र को ऋण प्रवाह में प्रमुख बाधाओं को ध्यान में रखते हुए बैंक द्वारा निम्नांकित वित्तेतर सेवाएँ प्रदान की जाती हैं जिससे यह क्षेत्र सुदृढ़, जीवंत और प्रतिस्पर्धी बन सके। उक्त विकासात्मक और संवर्द्धंनकारी प्रयासों के फलस्वरूप सूक्ष्म और लघु क्षेत्र के 2.3 लाख से भी अधिक लोगों को फायदा पहुंचा है। बैंक इसके चलते 1.5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने और 80,000 से भी अधिक इकाइयां, जिनमें अधिकांशत: ग्रामीण उद्यम हैं, स्थापित करने में मददगार साबित हुआ है। वित्तेतर सहायता निम्न प्रकार से उपलब्ध करायी जाती है -

सलाहकारिता और पथप्रदर्शक सेवाएँ : प्रमाणित ऋण सलाहकारों (सीसीसी) के माध्यम से ये सेवाएँ दी जाती हैं। उनसे यह आकांक्षा होती है कि वे सीसीसी द्वारा नए / मौजूदा उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान करें और उन्हें आरंभ से अंत तक समाधान प्रदान करें ताकि सूक्ष्म और लघु उद्यम बैंकिंग से जुड़ जाएँ। प्रमाणित ऋण सलाहकारों की भूमिका और जिम्मेवारियों का विस्तृत ब्यौरा उद्यमीमित्र पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया है। प्रमाणित ऋण सलाहकारों के लिए पोर्टल पर दी गई ई-हेंडबुक लिंक से इस जानकारी तक पहुँचा जा सकता है।

अधिक जानिए...

उद्यमियों की दुनिया (SmallB.in) :यह एमएसएमईज़ के लिए एक ज्ञान संगम की तरह है। जिसका उद्देश्य युवा उद्यमिता के संवर्द्धन और देश में व्यवसाय स्थापित करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु महत्वपूर्ण जानकारी का आगार होना है।

अधिक जानिए...

उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) :यह कार्यक्रम युवाओं के सशक्तीकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा बेरोजगारी के समाधान व क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए है।

अधिक जानिए...

कौशल-सह-प्रौद्योगिकी उन्नयन कार्यक्रम (स्टुप) : यह कार्यक्रम एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों के तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल को विकसित करने / सुदृढ़ बनाने के लिए है।

अधिक जानिए...

लघु उद्योग प्रबंध कार्यक्रम (सिमेप) : यह कार्यक्रम विशेष तौर पर एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों की सहायता स्वरूप उद्योग प्रबन्धकों का संवर्ग विकसित करने के लिए है।

अधिक जानिए...

सूक्ष्म उद्यम संवर्द्धन कार्यक्रम (एमईपीपीएस) : उद्यम विकास, संवर्द्धन और मार्गदर्शन करने तथा औपचारिक बैंकिंग से वित्तीय सह-बंध बनाने में सहयोग करने हेतु।

अधिक जानिए...

क्लस्टर विकास कार्यक्रम ताकि क्लस्टर स्तर पर अन्यान्य वित्तीय और गैर-वित्तीय अंतरालों के भरने का प्रयास किया जा सके।

अधिक जानिए...