पर्यावलोकन

समावेशी संवृद्धि को बढ़ावा देने यानी "सबका साथ सबका विकास-सभी की भागीदारी और सबका विकास” के उद्देश्य से एमएसई की ऋण एवं विकासपरक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सिडबी ने सिडबी 2.0 की परिकल्पना की है। इसका प्राथमिक उद्देश्य सिडबी को एक अखिल भारतीय वित्तीय संस्था के रूप में रूपान्तरित करना है, ताकि एमएसएमई की ऋण और ऋणेतर आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके और वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो सकें।