टाईफ़ैक-सृजन योजना

टीआईएफ़एसी (टाईफ़ैक) और सिडबी के एक साझे कार्यक्रम के रूप में 01 नवंबर, 2010 को टाईफ़ैक-सृजन योजना आरंभ की गई। इसका उद्देश्य नए उत्पादों और प्रक्रिया-विकास से संबंधित प्रौद्योगिकी नवोन्मेष परियोजनाओं के विकास, निदर्शन और व्यावसायीकरण को सुकर बनाना है, ताकि एमएसएमई की नवोन्मेष करने की क्षमताओं को प्रोत्साहित एवं संवर्द्धित किया जा सके और अधिक जोखिम वाले नवोन्मेष बाज़ार में लाए जा सकें तथा नवोन्मेष से जुड़े व्यवसाय के लिए बाज़ार के अवसर खुल सकें। यह कार्यक्रम नई प्रौद्योगिकी / प्रक्रिया / उत्पाद के विकास / नवोन्मेष और उनके व्यावसायीकरण को प्रोत्साहित / संवर्द्धित करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को लचीली शर्तों एवं ब्याजदर पर विकासपरक ऋण उपलब्ध कराता है और इस प्रकार यह नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों पर आधारित परियोजनाओं के विकास, निदर्शन एवं व्यावसायीकरण के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहयोग देता है।

फिलहाल, योजना के अंतर्गत परियोजना लागत के 80% तक और अधिकतम रु.100 लाख तक की सहायता दी जाती है। रु.100 लाख से अधिक लागत के मामले में चुनिंदा आधार पर सहायता प्रदान की जाती है।

टाईफ़ैक-सृजन पुस्तिका

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सृजन योजना आवेदनपत्र (तकनीकी) पीडीएफ सृजन योजना आवेदनपत्र (तकनीकी) डीओसी
सृजन योजना आवेदनपत्र (वित्तीय) रु.50 लाख तक पीडीएफ सृजन योजना आवेदनपत्र (वित्तीय) रु.50 लाख तक डीओसी
सृजन योजना आवेदनपत्र (वित्तीय) रु.100 लाख तक पीडीएफ सृजन योजना आवेदनपत्र (वित्तीय) रु.100 लाख तक डीओसी