निदेशक-मंडल

श्री सिवसुब्रमणियन रमण

श्री सिवसुब्रमणियन रमण

श्री सिवसुब्रमणियन रमण, भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा (आईएएंडएएस) के 1991 बैच से हैं। उन्‍होंने दि. 19 अप्रैल, 2021 से भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेश के रूप में कार्यभार संभाला। सिडबी से पहले वे दिसंबर 2016 से भारतीय ई-गवर्नेंस सर्विसेज़ लिमिटे (एनईएसएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) के पद पर कार्यरत थे। एनईएसएल से पूर्व, वर्ष 2015-2016 के दौरान श्री रमण प्रधान महालेखाकार (लेखापरीक्षा), झारखंड, राँची के पद पर तैनात थे। उन्‍होंने वर्ष 2007 से 2013 के बीच, सेबी में मुख्‍य महाप्रबंधक के रूप में और बाद में कार्यपालक निदेशक के रूप में कार्य किया है।

उन्‍होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक कार्यालय में विभिन्‍न राज्‍यों में कई पदों पर सेवाएँ दी हैं तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के कार्यपालक सचिव के रूप में भी कार्य किया है। यूरोप में विभिन्‍न भारतीय दूतावासों के लेखों की लेखापरीक्षा करने के लिए, वे भारतीय उच्‍चायोग, लंदन में प्रथम सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। आपने सेंट स्‍टीफंस कॉलेज से बीए (ऑनर्स) अर्थशास्‍त्र तथा एफएमएस, दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय से एमबीए की उपाधि प्राप्‍त की है। आपने लंदन स्‍कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्‍स से रेग्‍यूलेशंस में एम.एससी. एवं आईआईए फ्लोरिडा से सर्टीफ़ाइड इंटरनल ऑडीटर की उपाधि प्राप्‍त की है। आपने मुंबई विश्‍वविद्यालय से एलएलबी तथा सिक्‍योरिटी लॉ में पोस्‍ट ग्रेज्‍यूएट डिप्‍लोमा किया है।

श्री वी. सत्य वेंकट राव

श्री वी. सत्य वेंकट राव

श्री वी. सत्य वेंकट राव को दो अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाओं में कार्य करने का 29 वर्ष से अधिक का विस्तृत अनुभव है। वे विधि में स्नातकोत्तर हैं और उन्हें आंध्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) हासिल करने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने विधि, मानव संसाधन, कॉर्पोरेट संचार जैसे क्षेत्रों में कई महत्त्वपूर्ण दायित्व सँभाले है और साथ ही सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी के रूप में भी कार्य किया है। श्री राव लंदन और बीजिंग में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग ले चुके हैं। उन्होंने कानूनी मामलों के क्षेत्र में भी काफी समय बिताया है, विशेष रूप से कानूनी कार्रवाई के माध्यम से वसूली के क्षेत्र में और बड़ी गैर-निष्पादक आस्तियों (एनपीए) के समाधान में वे सफल रहे हैं। श्री राव ने सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक-मंडलों में नामिती निदेशक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने वेंचर कैपिटल कंपनी, रियल एस्टेट कंपनी और सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत सोसाइटियों के निदेशक-मंडलों में भी निदेशक के रूप में कार्य किया है।

श्री सुदत्त मंडल

श्री सुदत्त मंडल

श्री सुदत्त मंडल ने दि.03 मई, 2021 को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) में उप प्रबंध निदेशक के पद पर पर कार्यभार ग्रहण किया। सिडबी में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, वे भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) में मुख्य महाप्रबंधक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी थे। उन्हें एक्जिम बैंक में विभिन्न उद्-भागों/वर्टिकलों (आस्ति, देयता, जोखिम प्रबंध, अनुपालन एवं रणनीति) का 25 से अधिक वर्षों का अनुभव प्राप्त है, साथ ही, 20 वर्षों से अधिक का अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा निवेश वित्त, परियोजना वित्त, क्लस्टर-वित्त सहित एसएमई ऋण, व्यापार वित्त, तथा क्रॉस-बॉर्डर विकास वित्त का अनुभव है। आपने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर से विद्युत इंजीनियरिंग में बीटेक की शिक्षा प्राप्त की है तथा भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), कोलकाता से वित्त में विशेषज्ञता के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट किया है।

श्री शैलेश कुमार सिंह

श्री शैलेश कुमार सिंह

श्री शैलेश कुमार सिंह वर्तमान में भारत सरकार के अपर सचिव और विकास आयुक्त, एमएसएमई मंत्रालय हैं। श्री सिंह भारत में एमएसएमई क्षेत्र के लिए भारत सरकार की नीतियों की देखरेख करते हैं। वे भारत में एमएसएमई के समग्र विकास एवं संवृद्धि के लिए विभिन्न नीतिगत उपाय लागू करने के लिए उत्तरदायी हैं। उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी के रूप में इस्पात, कोयला, परिवहन, शहरी विकास और ग्रामीण विकास, चुनाव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, शिक्षा, मानव संसाधन विकास, आदि के क्षेत्र में काम करने का 30 वर्ष से अधिक का अनुभव है।

श्री ललित कुमार चंदेल

श्री ललित कुमार चंदेल

श्री ललित कुमार चंदेल (भारतीय आर्थिक सेवा), आर्थिक सलाहकार, वित्तीय सेवाएँ विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर, एमबीए और बीमा में फैलो हैं। उन्होंने भारत सरकार, भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) और तेलंगाना राज्य सरकार में विभिन्न पदों पर कार्य किया है।

भारतीय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण के कार्यपालक निदेशक और वित्तीय सलाहकार के रूप में, श्री चंदेल ने संगठन में समग्र वित्तीय अनुशासन का उत्तरदायित्व संभाला और अन्य विभागों जैसे- उपभोक्ता मामलों के विभाग और प्रवर्तन विभाग के प्रमुख भी रहे। उन्होंने तेलंगाना राज्य विद्युत उत्पादन निगम (टीएसजीईएनसीओ), हैदराबाद में निदेशक (वित्त) के रूप में भी काम किया है और टीएसजीईएनसीओ तथा एपीजीईएनसीओ का विघटन होने पर उनके बीच आस्तियों व देयताओं के विभाजन संबंधी योजना को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वित्तीय सेवाएँ विभाग में श्री चंदेल ने बीमा क्षेत्र में सुधार, बीमा क्षेत्र संबंधी विधानों के क्रियान्वयन, सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों और सामाजिक क्षेत्र की बीमा योजनाओं के निष्पादन की निगरानी संबंधी कार्यों का निर्वहन किया। वर्तमान में वे विभाग में औद्योगिक वित्त के महत्त्वपूर्ण संविभाग और आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की निगरानी का कामकाज देख रहे हैं।

श्री के. संपत कुमार

श्री के. संपत कुमार

श्री के संपत कुमार एक अनुभवी बैंकर हैं, जिन्हें भारतीय स्टेट बैंक में विभिन्न क्षमताओं में 32 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वे वाणिज्य स्‍नातक और एमबीए (वित्त) हैं। उन्होंने सीएआईआईबी और आईसीडब्ल्यूए (इंटर) उत्‍तीर्ण किया है। 1990 में उन्‍होंने भारतीय स्टेट बैंक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में कार्यभार सँभाला। उन्‍हें विदेशी मुद्रा, एसएमई, खुदरा व्यापार, संव्यवहार बैंकिंग एवं कॉर्पोरेट ऋण के क्षेत्र में अनेक क्षमताओं और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में कार्य करने का अनुभव है। इससे पूर्व वे महाप्रबंधक, सीएजी शाखा, चेन्नई में कार्यरत थे, जहाँ टीसीएस समूह, मुरुगप्पा समूह, अशोक लेलैंड, एमआरएफ, आदि जैसी कार्पोरेट कंपन‍ियों से संबंधित कार्य सँभाले जाते थे। वर्तमान में वे भारतीय स्‍टेट बैंक, कॉर्पोरेट सेंटर, मुंबई में मुख्‍य महाप्रबंधक (एसएमई) के पद पर तैनात हैं, जहाँ उनके पास भारतीय स्‍टेट बैंक के 2.75 लाख करोड़ के एमएसएमई संव‍िभाग का उत्‍तरदायित्‍व है।

श्री कृष्ण सिंह नगन्याल

श्री कृष्ण सिंह नगन्याल

श्री कृष्ण सिंह नगन्याल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इविंग्स क्रिश्चियन कॉलेज से स्नातक हैं। वे एक अधिकारी के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में शामिल हुए और उन्हें एलआईसी में विभिन्न अंचलों में वरिष्ठ मंडल प्रबंधक और क्षेत्रीय प्रबंधक के तौर पर कार्य करने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में निगम की सेवा की है और देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिष्ठित पदों पर सुशोभित रहे हैं। वे पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक, विपणन, क्षेत्रीय प्रबंधक (ओएस) और उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक, ‘कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध’ रहे। उन्होंने मध्य अंचल, भोपाल के आंचलिक प्रबंधक प्रभारी के रूप में और पूर्वी अंचल, कोलकाता का नेतृत्व किया है। इसके बाद, उन्हें केंद्रीय कार्यालय में कार्यपालक निदेशक, कॉर्पोरेट संचार के रूप में पदस्थ हुए। उनकी खेलों में विशेष रुचि है और समाज सेवा की ओर उनका झुकाव है।

श्री मनमय मुखर्जी

श्री मनमय मुखर्जी

श्री मनमय मुखर्जी वर्तमान में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) में मुख्य महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं और सचिव के विभाग का प्रभार संभाल रहे हैं। वे नाबार्ड के मुख्य अनुपालन अधिकारी और आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत इसके प्रथम अपीलीय प्राधिकारी भी हैं।

उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में एम.एससी और आईआईटी, खड़गपुर से एम.टेक (कैटलिसिस टेक्नोलॉजी) किया है। वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स के सर्टिफाइड एसोसिएट और ट्रेनिंग नीड असेसमेंट एंड डिजाइन ऑफ ट्रेनिंग के लिए प्रमाणीकृत कंसल्टेंट हैं।

उन्हें नाबार्ड के विभिन्न कार्यालयों और विभागों में 34 वर्षों का अनुभव प्राप्त है, जिसमें संकाय सदस्य के रूप में 6 वर्षों का अनुभव भी है। उन्हें गैर-कृषि क्षेत्र, माइक्रोफाइनेंस और क्लाइमेट स्पेस में विकास वित्त; बैंकिंग प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास का अनुभव है ।

श्री जी गोपालकृष्ण

श्री जी गोपालकृष्ण

श्री जी. गोपालकृष्ण 21 अप्रैल 2014 से 20 अप्रैल 2017 तक सेंटर फॉर एडवांस्ड फ़ाइनेंस रिसर्च ऐंड लर्निंग (सीएएफआरएएल) के निदेशक थे। सीएएफआरएएल की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस उद्देश्य के साथ की थी कि यह बैंकिंग एवं फाइनेंस के शोध और अधिगम (लर्निंग) पर कार्य करने वाली विश्वस्तरीय वैश्विक संस्था के रूप में विकसित हो सके।

सीएएफआरएल में नियुक्ति से पहले वे भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यपालक निदेशक थे। श्री गोपालकृष्ण का 33 वर्ष से अधिक का कैरियर केंद्रीय बैंकर के रूप में रहा है और इस दौरान उन्होंने मुख्यतः बैंकिंग और गैर-बैंकिंग विनियामक एवं पर्यवेक्षण क्षेत्र में कार्य किया है।

वे भारतीय रिज़र्व बैंक/भारत सरकार के अनेक कार्यदलों में अध्यक्ष तथा सदस्य के रूप में रहे हैं। वर्ष 2011 के दौरान, उन्होंने सूचना सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी, जोखिम प्रबंध तथा साइबर धोखाधड़ी संबंधी कार्यदल की अध्यक्षता की, जिसकी संस्तुतियाँ अप्रैल 2011 में लागू की गईं। सूचना सुरक्षा, सूचना लेखापरीक्षा, आईटी गवर्नेंस तथा साइबर धोखाधड़ी के क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक के उक्त दिशानिर्देश न्यूनतम मानक बन गए हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में, बड़े मूल्य वाले ऋणों की रिपोर्टिंग के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्मित केंद्रीय क्रेडिट रजिस्ट्री का प्रलेखन किया। वर्ष 2014 में ही श्री गोपालकृष्ण ने बैंकों तथा गैर-बैंकों में क्षमता निर्माण से संबंधित एफएसएलआरसी की संस्तुतियों की जाँच के लिए गठित समिति की अध्यक्षता की। उक्त रिपोर्ट भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा स्वीकृत एवं लागू की गई।

श्री आशीष गुप्ता

श्री आशीष गुप्ता

श्री आशीष गुप्ता क्रेडिट सुइस सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक तथा हेड ऑफ इंडिया रिसर्च हैं। इससे पहले उन्होंने लेगाटम कैपिटल में पोर्टफोलियो मैनेजर के रूप में तथा सीएलएसए में एनालिस्ट के रूप में भी काम किया जिसके कार्य दायरे में सीमेंट, बैंकिंग तथा ऑटो क्षेत्र शामिल थे। श्री गुप्ता भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के संबंध में अपनी अंतर्दृष्टि के लिए जाने जाते हैं तथा वे “हाउस ऑफ डेट” नामक धारावाहिक शृंखला सहित विभिन्न बड़ी रिपोर्टों के लेखक भी रहे हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट हेल्थ ट्रैकर नामक प्रकाशन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसका बैंकिंग क्षेत्र में सक्रिय रूप से पालन किया जाता है।

श्रीमती  नूपुर गर्ग

श्रीमती नूपुर गर्ग

श्रीमती नूपुर गर्ग निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी में एक अग्रणी निवेशक और बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार हैं। वे विनपे (https://winpeforum.com) की संस्थापक हैं। यह निवेश पारितंत्र में लैंगिक विविधता को बढ़ाने के लिए स्थापित एक गैर-लाभकारी संस्था है। श्रीमती नुपुर किड्स क्लीनिक इंडिया लिमिटेड के बोर्ड की अध्यक्ष होने के साथ-साथ इंडिगो पेंट्स लिमिटेड, केरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड मैनेजमेंट लिमिटेड आदि कई कंपनियों के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं। वे नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) द्वारा प्रबंधित निधियों की निधि (जो भारत सरकार द्वारा प्रायोजित अर्ध-संप्रभु संपदा-निधि है) की निवेश समिति की स्वतंत्र सदस्य हैं, तथा 75 देशों के सीमावर्ती बाजारों में एसएमई में निवेश के लिए डच सरकार द्वारा स्थापित डच गुड ग्रोथ फंड (डीजीजीएफ), नामक निवेश कोष की निवेश समिति में सलाहकार और सदस्य हैं। उन्होंने भारतीय स्टार्ट-अप पारितंत्र में स्टार्ट-अप में निवेश के लिए स्थापित रु.10,000 करोड़ की निधियों-की-निधि की निवेश-समिति में बाह्य-विशेषज्ञ के रूप में कार्य किया है। श्रीमती नूपुर चुनिंदा फंड प्रबंधकों को संस्थानीकरण, सर्वोत्तम पद्धतियों और अभिशासन से संबंधित मामलों पर परामर्श देती हैं। वे विभिन्न मंचों पर महिला उद्यमियों का मार्गदर्शन भी करती हैं। श्रीमती नूपुर का नाम बीडब्ल्यू वीसी की दुनिया की सर्वाधिक प्रभावशाली महिला 2022, फोर्ब्स डब्ल्यू-पावर सूची में स्वनिर्मित महिलाओं की सूची, 2020 में शामिल रहा है। वे वित्त क्षेत्र में भारत की शीर्ष 100 अग्रणी महिलाओं में (एआईडब्ल्यूएमआई 2019) शामिल हैं। उन्हें महिला सशक्तीकरण उद्यमी पुरस्कार 2019-20 और बिजनेस एक्सीलेंस एंड इनोवेटिव बेस्ट प्रैक्टिसेज- अकादमिक अवार्ड 2019 से सम्मानित किया गया है। अपनी पिछली पूर्णकालिक भूमिका में, श्रीमती नुपुर ने आईएफसी के लिए इस क्षेत्र में निजी इक्विटी और उद्यम पूंजी निधि व्यवसाय का नेतृत्व किया। इस क्षेत्र में आईएफसी को सबसे सम्मानित और विश्वसनीय संस्थागत निवेशक के रूप में स्थापित करने का श्रेय व्यापक रूप से उन्हीं को दिया जाता है। श्रीमती नूपुर सनदी लेखाकार (सीए) तथा एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए हैं, साथ ही उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एक्जिक्यूटिव शिक्षा भी प्राप्त की है।

श्री अमित टंडन

श्री अमित टंडन

श्री अमित टंडन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइज़री सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (आईआईएएस) के संस्थापक हैं और जुलाई, 2011 से इसके प्रबंध निदेशक हैं। आईआईएएस से पूर्व, श्री अमित अक्तूबर, 2001 से जून, 2011 तक फ़िच रेटिंग्स : इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) थे। उन्होंने फ़िच रेटिंग्स : लंका के कामकाज का पर्यवेक्षण भी किया था। फ़िच में शामिल होने से पहले, उन्होंने 17 वर्ष (मई 1984 से - सितंबर 2001 तक) आईसीआईसीआई समूह के साथ कार्य किया, जहाँ उन्होंने प्रोजेक्ट फाइनेंस, लीजिंग और मर्चेंट बैंकिंग डिवीजन सहित अनेक व्यवसाय कार्यों में विभिन्न भूमिकाएँ निभाईं। आईसीआईसीआई समूह में उन्होंने अपनी अंतिम भूमिका आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज में निवेश बैंकिंग के प्रमुख के रूप में निभाई थी। वे भारतीय रिज़र्व बैंक की मुद्रा, विदेशीमुद्रा और सरकारी प्रतिभूति बाज़ारों से संबंधित तकनीकी सलाहकार समिति के सदस्य, कंपनी अधिनियम के संबंध में प्राप्त टिप्पणियों की समीक्षा के लिए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा संयोजित कार्यसमूहों में से एक कार्यसमूह के सदस्य तथा सेबी द्वारा गठित कॉरपोरेट गवर्नेंस संबंधी कोटक समिति के सदस्य रहे हैं। श्री अमित ने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से अर्थशास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है, फ़ैकल्टी ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली से एमबीए किया है और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, यूके से एमफिल की डिग्री प्राप्त की है।