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Structural Interventions

एमएसएमई पल्स

एमएसएमई पल्स की आवश्यकता

सूचना, संबंधित निर्णय की प्रक्रिया को सुगम बनाती है और यदि यह सही समय पर उपलब्ध हो तो, तो सार्थक हस्तक्षेप किया जा सकता है। चूँकि वर्ष के दौरान एमएसएमई संबंधी संरचित आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाते, अतः संबंधित व्यक्तियों को निर्णय करने में सहायता और नीति-निर्माण हेतु कोई प्रारंभिक संकेत उपलब्ध नहीं हो पाते, भले ही वे बैंकर हो या नीति निर्माता। अतः, एमएसएमई क्षेत्र की सूक्ष्म निगरानी और उऩके कार्य-निष्पादन पर केंद्रित एक वृहद दस्तावेज, जो नीति-निर्माताओं के लिए निरीक्षणपरक ज्ञान का पर्याय हो, अनिवार्य हो जाता है। अभी तक, भारतीय बैंकिंग प्रणाली में मौजूदा ऋण-सुविधाओँ के साथ, औपचारिक ऋण तक पहुँच रखने वाले 5 मिलियन से अधिक सक्रिय एमएसएमई उद्यमों पर संपन्न किए गए अध्ययन से संबंधित ऐसी किसी भी प्रकार की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

बैंकों के संबंध में तो कुछ आंकड़े उपलब्ध हैं, पर एनबीएफसी से संबंधित किसी भी प्रकार के ब्यौरे उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, इस प्रकार के विवरणों से यह स्पष्ट नहीं होता कि कितने नए उद्यमियों की ऋण तक पहुँच हुई है और विभिन्न राज्यों में इस संबंध में क्या स्थिति है। एक विशद तिमाही रिपोर्ट के रूप में एमएसएमई पल्स की शुरूआत, इस अंतराल को पाटने का एक प्रयास है और इसका उद्देश्य सूचना-उन्मुख व्यावसायिक निर्णय करने की प्रक्रिया को सुकर बनाने में ऋण-उद्योग संबंधी रुझान और अंतर्दृष्टि प्रदान करना है।

एमएसएमई पल्स जून 2021 संस्करण के मुख्य ननष्कर्ष

एमएसएमई क्षेत्र के लिए ईसीएलजीएस और अन्य अंतरवर्तनों के चलते वित्त वर्ष 2021 में एमएसएमई खंड को पहले के वर्षों की तुलना में अधिक ऋण राशि संवितरित की गई है।

वित्त वर्ष 2021 में, देश ने एमएसएमई क्षेत्र को '9.5 लाख करोड़' के ऋण संवितरित किए जो कि पिछले वित्त वर्ष 2020 में संवितरित '6.8 लाख करोड़' के ऋणों की तुलना में अधिक रहे। वित्त वर्ष 2021 के लिए एमएसएमई ऋण प्रदान करने में यह तेज उछाल ईसीएलजीएस की आत्मनिर्भर भारत योजना द्वारा समर्थित रही, जिसने उधारदाताओं को 100% ऋण गारंटी प्रदान की।

जून '21 में तालाबंदी के हटाए जाने पर एमएसएमई द्वारा ऋण की मांग (जिसे ऋण पृच्छाओं के रूप में मापा गया) में तेज उछाल आया है, जो वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही के बाद दूसरी लहर में निस्तेज हो गई थी।

पहली लहर के कारण वाणिज्यिक ऋण की पृच्छाओं में 76% की प्रारंभिक गिरावट के बाद, ये स्थिति ईसीएलजीएस के साथ तेजी से ठीक हो गई और तब से यह कोविड-पूर्व स्तरों के आसपास बनी हुई है। मार्च '21 में वाणिज्यिक ऋणों की पृच्छाएँ कोविड-पूर्व स्तरों से 32% ऊपर थीं, यद्यपि यह सुदृढ़ गति दूसरी लहर से प्रभावित हुई थी लेकिन जून '21 में इन स्तरों में तेजी से सुधार हुआ और ये कोविड-पूर्व स्तरों पर आ गईं

मार्च '21 में एमएसएमई के ऋण बकाया में 6.6% की वृद्धि हुई है, जिसमें सूक्ष्म खंड सबसे तेज गति 7.4% सेबढ़ रहा है।

क्रेडिट मांग में मजबूत प्रतिवर्तन, समान रूप से मजबूत ऋण आपूर्ति और ईसीएलजीएस समर्थन के चलते एमएसएमई की ऋण बकाया राशि संवृद्धि के साथ '20.21 लाख करोड़' हो गई है। 6.6% की वर्षानुवर्ष संवृद्धि दर के साथ सूक्ष्म खंड में सबसे तेज गति से 7.4% की संवृद्धि हुई है, जिसके बाद लघु खंड में 6.8% और मध्यम खंड में 5.8% की दर से संवृद्धि हुई है।

बैंक के लिए नए ग्राहक (एनटीबी) को ऋण देना, एमएसएमई इकाइयां कोविड-पूर्व स्तरों पर वापस आ गई हैं, जबकि बैंक के मौजूदा ग्राहक (ईटीबी) को उधार देना जारी है।

बैंक के लिए नए एमएसएमई ग्राहकों को अप्रैल '20 में ऋण संवितरण कोविड-पूर्व- स्तरों की तुलना में 90% तक गिर गया था और मार्च '21 में यह धीरे-धीरे कोविड-पूर्व स्तरों की तुलना में 5% अधिक के स्तर तक वापस आ गया है। जून '20 में बैंक के मौजूदा एमएसएमई ग्राहकों को ऋण संवितरण ईसीएलजीएस के कारण कोविड-पूर्व स्तरों से बढ़कर 75% हो गया और तब से कोविड-पूर्व स्तरों को बनाए रखा है।

सरकार और नियामकों द्वारा नीति स्तर के अंतरवर्तनों से दिसंबर '20 तक एमएसएमई इकाइयों में ऋण डाउनग्रेड को नियंत्रित किया जाना, मार्च '21के लिए डाउनग्रेड में उछाल परिलक्षित हुआ है:

एमएसएमई ऋण के निष्पादन की हलचल, जिसे सिबिल एमएसएमई रैंक (सीएमआर) डाउनग्रेड के माध्यम से मापा जाता है, नीति-स्तरीय अंतरवर्तनों के साथ दिसंबर '20 तक मोटे तौर पर नियंत्रण में रहा है। ऋण-स्थगन को वापस ले लेने और चुकौतीगत विलंब की मान्यता के बारे में दिशानिर्देशों के स्पष्टीकरण के साथ ही मार्च '21 की तिमाही में डाउनग्रेड में उछाल आया - जिससे मध्यम-जोखिम वाले एमएसएमई के समूह में बढ़ोत्तरी हुई है।

ऋणदाताओं में जोखिम उठाने की क्षमता पूर्व-महामारी के स्तर पर वापस आ गई है।

ईसीएलजीएस की 100% क्रेडिट गारंटी के समर्थन के साथ सभी ऋणदाताओं के अनुमोदन दरों में वृद्धि हुई है। सीएमआर के ओरिजिनेशन शेयर से पता चलता है कि महामारी के शुरुआती दौर में उच्च जोखिम सेगमेंट सीएमआर 7–10 में कमी हुई है और कम जोखिम सेगमेंट सीएमआर 1–3 बढ़ा है। लेकिन अब, सीएमआर द्वारा मूल वितरण पूर्व-कोविड -19 स्तरों के समान है।

ऋणदाता एमएसएमई को उधार देने के लिए अपेक्षाकृत अधिक खुले हैं, जो पिछले 12 महीनों में चुकौती करने से चूक गए:

जनवरी '21 से मार्च'21 तक एमएसएमई इकाइयों में से 29% वे उधारकर्ता थे जिन्होंने पिछले तीन महीनों में एक से अधिक चुकौतियों में चूक की हैं; जनवरी '20 से मार्च '20 के लिए समान अनुपात 21% था, जो कि चूक किये हुए एमएसएमई इकाइयों को ऋणदाताओं की बढ़ती स्वीकृति का संकेत है।

उच्च ऋण वृद्धि के कारण एमएसएमईपोर्टफोलियो के लिए एनपीएदरें स्थिर हैं:

एमएसएमई क्षेत्र में ऋण की मजबूत अंतर्प्रवाह, और सरकार और नियामक के विभिन्न समर्थन उपायों के साथ, एमएसएमईइकाइयोंके लिए एनपीए दरों को मार्च '20 में 12.6 की की तुलना में मार्च '21 के लिए 12.5% पर नियंत्रित किया गया है । हालांकि, मार्च '21 के लिए एनपीए दरें दिसंबर '20 (12%) की तुलना में अधिक हैं, जो क्रेडिट डाउनग्रेड के साथ युग्मित हैं।