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Structural Interventions

माइक्रोफ़ाइनेंस पल्स

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) और इक्विफैक्स ने अल्पवित्त घटक के रुझानों यथा संवितरण में अपचार, राज्यवार वितरण, शीर्ष ऋण श्रेणियां आदि को दर्ज़  करने के लिए अपने तरह के प्रथम समाचार पत्र "माइक्रोफाइनेंस पल्स" का लोकार्पण करने के लिए सहयोग किया।

यह सूचना व आंकड़े एक प्रकाशस्तम्भ के रूप में काम करेंगे, जो अल्पवित्त उद्योग को और नीति निर्माताओं को ऋण चक्र की गिरि-कन्दराओं से पार पाने में मदद करेगा, ताकि अंततः जिम्मेदारीपूर्वक  ऋण प्रदायगी संभव हो सके।

सातवें संस्करण के मुख्य बिंदु:

माइक्रोफाइनेंस पल्स के 7 वें संस्करण में उद्योग के संस्थागत रुझानों के साथ-साथ भौगोलिक बदलाव और संवितरण और पोर्टफोलियो रुझानों पर प्रकाश डाला गया है।

यथा 30 सितंबर 2020 तक माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री द्वारा लगभग 6 करोड़ कर्जदारों को सेवाएँ प्रदान की गयी हैं। माइक्रोफाइनांस इंडस्ट्री में पोर्टफोलियो बकाया के मामले में वर्ष-दर-वर्षवार 14% की वृद्धि देखी गई है। यथा 30 सितंबर 2020 तक माइक्रोफाइनेंस उद्योग का पोर्टफोलियो बकाया ` 2,27,844 करोड़ है। एसएफबी में  पोर्टफोलियो बकाया के मामले में 24% की उच्चतम वर्ष-दर-वर्षवार वृद्धि देखी गयी है। बकाया पोर्टफोलियो में बैंकों का योगदान  41% है और एनबीएफसी-एमएफआई का योगदान 31%  है।

माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जुलाई, अगस्त, सितम्बर 20 में `32,375 करोड़ के लिए 92 लाख ऋण वितरित किए गए थे जो वॉल्यूम के मामले में अप्रैल मई जून '20 की तुलना में 300% अधिक है और मूल्य के मामले में 393% अधिक हैं । 10 हजार  से 50 हजार की श्रेणी में 70% से अधिक ऋण वितरित किए गए हैं। ऋण वितरण के मामले में बैंकों का योगदान सबसे अधिक है, इसके बाद एनबीएफसी-एमएफआई का योगदान है। उद्योग में औसत टिकट साइज  में  जुलाई, अगस्त, सितम्बर’19 की तुलना में  जुलाई, अगस्त, सितम्बर 20 में  5% की वृद्धि देखी गयी । सितंबर 2020 में समग्र अपचारिता सभी तिमाहियों में सबसे अधिक 19.83% है। शीर्ष 9 राज्य पैन इंडिया पोर्टफोलियो में 75% से अधिक का योगदान करते हैं। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल प्रत्येक का बकाया पोर्टफोलियो में 15% का योगदान है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 90 + अपचारिता क्रमशः 0.25% और 0.38% पर बनी हुई है। आकांक्षी जिले अखिल भारत के बकाया शेष में 12% का योगदान करते हैं और 90+ अपचारिता 0.35% है।

पूरे भारत भर में 11%  शेयर के साथ बकाया संविभाग के मामले में बिहार तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। सितंबर 2020 तक बिहार का औसत टिकट साइज ऋण `38,209 है, जो पैन इंडिया औसत टिकट साइज से 8% अधिक है। बिहार में औसत टिकट साइज ऋण  बैंकों द्वारा `42,743 है जो  सबसे अधिक है, इसके बाद `41,457 पर एसएफबी है। सितंबर 2020 तक बिहार की 90+ अपचारिता 0.18% है।

कोविड-19 वैश्विक महामारी ने दुनिया भर में हर क्षेत्र में परिचालन को बाधित किया है। कहने की आवश्यकता  नहीं है कि  माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं ने भी मंदी का अनुभव किया है। मात्रा और मूल्य के आधार पर ऋण सोर्सिंग में शीर्ष 5 राज्यों का योगदान जुलाई,अगस्त,सितम्बर '19 में 56% था, जो महामारी के कारण जुलाई ,अगस्त ,सितम्बर '20 में 52% तक आ गया है। जुलाई,अगस्त ,सितम्बर '19 में शीर्ष 5 राज्यों ने 103 लाख ऋण का वितरण किया था । जुलाई ,अगस्त ,सितम्बर '20 में शीर्ष 5 राज्यों ने 49 लाख ऋण संवितरण किए गए जो जुलाई ,अगस्त ,सितम्बर '19 की तुलना में 53% कम है। संवितरण राशि जुलाई,अगस्त,सितम्बर 19 की तुलना में  जुलाई,अगस्त,सितम्बर '20 तक 50% कम हो गई है।